बक़ीयतुल्लाह मेडिकल साइंस यूनिवर्सिटी (BMSU) के चांसलर ने रविवार को बताया कि उनकी यूनिवर्सिटी में रिसर्च करने वाली तीन टीमें कोरोनो वायरस के उपचार पर काम कर रही हैं, उनमें से एक टीम को ऐसी दवाई विकसित करने में सफलता मिली है, जिससे इस संक्रमित लोगों का इलाज किया जा सकेगा।
सैन्य-वित्त पोषित बीएमएसयू के प्रमुख ब्रिगेडियर जनरल अली रज़ा जलाली का कहना थाः "दवाओं में से एक ने लेबोरेटरी टेस्ट पास कर लिया है और हमें उम्मीद है कि उपचार के चरण में भी हमें सकारात्मक परिणाम प्राप्त होंगे।"
जलाली ने यह भी बताया कि ईरानी विशेषज्ञ कोरोना वायरस का टीका विकसित कर रहे हैं, जो ह्यूमन जेनेटिक मटीरियल पर आधारित होगा।
उन्होंने उम्मीद जताई कि वैक्सीन को एक साल से भी कम समय में विकसिल कर लिया जाएगा, जिससे ईरान और उन सभी देशों को इस महामारी से लड़ने में मदद मिल सकेगी, जो इसका शिकार हो रहे हैं।
जलाली का कहना था कि फ़रवरी में देश के इस वायरस की चपेट में आने से पहले से ही ईरानी वैज्ञानिक कोरोना पर अध्ययन कर रहे थे।
इस अध्ययन का मुख्य उद्देश्य, चीन में फैलने वाले इस संक्रमण का मुक़ाबला करने में बीजिंग की सहायता करना था।
चीन में इस वायरस की चपेट में आकर अब तक 2,800 से अधिक लोग अपनी जान गंवा चुके हैं।
ईरान में भी संक्रमित लोगों की संख्या बढ़कर 978 हो चुकी है, जबकि 54 लोग अपनी ज़िंदगी की लड़ाई हार चुके हैं।